મહેસાણા અમદાવાદ હાઇવે પર ભારે વરસાદને કારણે મોઢેરા ચોકડી થી શિવાલા સર્કલ સુધી આશરે ત્રણ કિલોમીટર જેટલો લાંબો ટ્રાફિક જામ સર્જાતા વાહન ચાલકોને ભારે હાલાકીનો સામનો કરવો પડ્યો હતો. પાલાવાસણા ચોકડી પાસે નવા બ્રિજનું નિર્માણ કાર્ય ચાલી રહ્યું હોવાના કારણે વાહનની અવર-જવર ધીમી પડી રહી છે.
મહેસાણા જિલ્લામાં પડેલા વરસાદને કારણે કેટલાક વિસ્તારોમાં રસ્તા ઉપર પાણી ભરાઈ ગયા હોવાથી પરિસ્થિતિ વિકટ બની છે તેમજ છેલ્લા ત્રણ કલાક કરતાં વધુ સમયથી હજારો વાહન ચાલકો ટ્રાફિક જામમાં ફસાયેલા જોવા મળી રહ્યા છે.
ટ્રાફિક પોલીસ દ્વારા પરિસ્થિતિને નિયંત્રણમાં લેવાના પ્રયાસો આ ધરવામાં આવ્યા છે પરંતુ એક બાજુ ભારે વરસાદને કારણે રસ્તા ઉપર પાણી ભરાઈ ગયા છે ત્યારે બીજી બાજુ બ્રિજ નું નિર્માણ કાર્ય શરૂઆતથી વાહનચાલકો મુશ્કેલીનો સામનો કરી રહ્યા છે
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
Republic Day 2024 : 26 जनवरी देश में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी है। मुख्य कार्यक्रम कर्तव्य पथ पर आयोजित होगा जहां झंडा फहराने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी। इससे पहले गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र को संबोधित कर रही हैं।
उन्होंने 75 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ते हुए अमृत काल के प्रारंभिक दौर से गजुर रहा है। यह युगांतरकारी परिवर्तन का कालखंड है। गणतंत्र दिवस, हमारे आधारभूत मूल्यों और सिद्धांतों को स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को भी याद किया और कहा कि अपने योगदान से सार्वजनिक जीवन को समृद्ध बनाने के लिए, मैं कर्पूरी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ। बता दें कि केंद्र सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे गणतंत्र की मूल भावना से एकजुट होकर 140 करोड़ से अधिक भारतवासी एक कुटुंब के रूप में रहते हैं। दुनिया के सबसे बड़े इस कुटुंब के लिए, सह-अस्तित्व की भावना, भूगोल द्वारा थोपा गया बोझ नहीं है, बल्कि सामूहिक उल्लास का सहज स्रोत है, जो हमारे गणतंत्र दिवस के उत्सव में अभिव्यक्त होता है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अयोध्या का राम मंदिर का भी जिक्र किया और कहा-हम सबने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित भव्य मंदिर में स्थापित मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक समारोह देखा। भविष्य में जब इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाएगा तब इतिहासकार, भारत द्वारा अपनी सभ्यागत विरासत की निरंतर खोज में युगांतरकारी आयोजन के रूप में इसका विवेचन करेंगे।
G20 का सफल आयोजन अभूतपूर्व उपलब्धि
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में जी-20 शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया और कहा कि भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन एक अभूतपूर्व उपलब्धि थी। वहीं ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के बारे में उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तीकरण का एक क्रांतिकारी माध्यम सिद्ध होगा।
देश को वैज्ञानिकों पर गर्व
उन्होंने वैज्ञानिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया कहा कि हमें अपने वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों पर सदैव गर्व रहा है, लेकिन अब ये पहले से कहीं अधिक ऊंचे लक्ष्य तय कर रहे हैं और उनके अनुरूप परिणाम भी हासिल कर रहे हैं।
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कब-कब नीतीश कुमार ने बदले अपने साथी
पटना: ‘बिहार में बाहर है, यहां नीतीश कुमार है’, यह नारा पिछले कई वर्षों से राज्य की राजनीति में चला आ रहा है। कहा जाता रहा है कि यहां चुनाव में कोई भी जीते, लेकिन सीएम की कुर्सी पर तो केवल और केवल नीतीश कुमार ही बैठेंगे। यह बात सच भी है। नीतीश कुमार पहली बार साल 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने, लेकिन वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए और सात दिन के अंदर ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद नवंबर 2005 से राज्य के मुखिया की कुर्सी पर बैठे और तब से बैठे हुए हैं। हालांकि बीच में कुछ समय के लिए जीतन राम मांझी भी मुख्यमंत्री बनाए गए थे, लेकिन असली पॉवर उन्हीं के ही हाथ में थी। हालांकि इन 19 वर्षों में एक बात यह भी समान रही है कि नीतीश कुमार ने कई बार अपने मन बदला है। उन्होंने अपने साथी बदले हैं, लेकिन बस उन्होंने अपना पद नहीं बदला। उनके नाम के आगे हमेशा ही मुख्यमंत्री लगा ही रहा। अब एक बार फिर कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार फिर से पाला बदलने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, वह एक बार फिर से एनडीए में शामिल हो सकते हैं।
बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता दिल्ली पहुंचे
बिहार की राजधानी पटना में जबरदस्त हलचल मची हुई है। बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार जल्द ही आरजेडी और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़कर एनडीए के साथ जाने का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं होगा कि नीतीश कुमार पाला बदल रहे हों। उन्होंने अपने साथी बदलने की शुरुआत साल 2013 में की थी और तब से वह तीन बार पाला बदल चुके हैं और अगर इस बार भी वह ऐसा करते हैं तो यह चौथा मौका होगा।
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नीतीश कुमार
साल 2013 में एनडीए से अलग हुए थे नीतीश
सबसे पहले वह साल 2013 में एनडीए से अलग हुए थे। बीजेपी ने उस समय नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। इससे नाराज होकर उन्होंने बीजेपी से 17 साल पुराना गठबंधन खत्म कर लिया था। इसके बाद आरजेडी और कांग्रेस पर हमलावर रहे नीतीश कुमार ने साल 2015 में इन दोनों दलों के साथ महागठबंधन बनाया और चुनाव लड़ा।
2017 में महागठबंधन से तोड़ा नाता
चुनाव में इस गठबंधन को जीत मिली लेकिन साल 2017 में एक बार फिर से नीतीश कुमार का मन बदला और लालू यादव और उनके परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उन्होंने यह गठबंधन तोड़ दिया। वह एक बार फिर से एनडीए में शामिल हो गए। इस बार उन्होंने 2019 का लोकसभा और 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ा। इसमें उन्हें सफलता भी मिली। लेकिन 2022 में नीतीश कुमार का मन फिर से बदला और वह एक बार फिर से एनडीए से अलग हो गए।
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नीतीश कुमार और लालू यादव
2022 में फिर से महागठबंधन में आए नीतीश कुमार
एनडीए से अलग होने के बाद वह आरजेडी, कांग्रेस और वामदलों के महागठबंधन में शामिल हुए और आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं अब जिस तरह की चर्चाएं चल रही हैं, उससे यह कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपना मन बदल सकते हैं और एनडीए में शामिल हो सकते हैं। फ़िलहाल यह अभी केवल चर्चाएं हैं। सच्चाई केवल और केवल नीतीश कुमार ही जानते हैं। क्योंकि नीतीश कुमार तो नीतीश कुमार हैं।
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कैंसर की वजह से हुई सिंगर की मौत
हाल ही में साउथ सिनेमा से एक दुखद खबर सामने आई है। खबर है कि इंडस्ट्री के दिग्गज म्यूजिक कंपोजर इलैयाराजा की बेटी और मशहूर गायिका भवतारिणी का 47 साल की उम्र में निधन हो गया है। भवतारिणी लंबे समय से कैंसर से पीड़ित चल रही थीं, ऐसे में आज गुरुवार 25 जनवरी को वो जिंदगी से जंग हार गईं। भवतारिणी के निधन की खबर सामने आती ही की मनोरंजन जगत में शोक की लहर छा गई है। साथ ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कैंसर से जंग हारी भवतारिणी
खबरों के मुताबिक भवतारिणी पिछले 6 महीने से लीवर कैंसर ग्रसित थीं, लंबे से उनका इलाज चल रहा था। वे इलाज कराने के लिए ही श्रीलंका गई थीं। इलाज के दौरान ही शाम करीब 5 बजे श्रीलंका में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक भवतारिणी का पार्थिव शरीर कल 26 जनवरी को चेन्नई लाया जाएगा और यहीं उनकी अंतिम संस्कार होगा।
ट्रैकर रमेश ने दी भवतारिणी के निधन की खबर
बता दें कि भवतारिणी के निधन की खबर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ट्रैकर रमेश बाला ने दी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर भवतारिनी की तस्वीर के साथ एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने भवतारिनी को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा- ‘दुखद खबर! इसाइग्नानी इलियाराजा की बेटी सिंगर भवतारिणी का आज शाम श्रीलंका में निधन हो गया। वह कैंसर का इलाज करा रही थीं। सुनकर हैरानी हुई।उनकी आत्मा को शांति मिले!’
भवतारिणी को मिल चुका है नेशनल फिल्म अवॉर्ड
गौरतलब है कि भवतारिणी इलैयाराजा की बेटी और कार्तिक राजा और युवान शंकर राजा की बहन थीं। वे एक भारतीय संगीतकार, अरेंजर, ऑर्केस्ट्रेटर और मल्टी-इंस्ट्रूमेंटलिस्ट सिंगर हैं. वे मुख्य तौर पर तमिल और तेलुगु फिल्मों के लिए गाने के लिए जाने जाते हैं। भवतारिणी ने बॉलीवुड में भी काम किया है। उन्होंने ‘तेरी निगाहों ने’, ‘ये हवा ये फिजा’ ‘ऐ जिंदगी गले लगा ले’, और ‘हिचकी-हिचकी’ समेत कई गानों को अपनी आवाज दी है। इसके अलावा उन्हें ‘भारती’ के तमिल गीत ‘मयिल पोला पोन्नू ओन्नू’ के लिए बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड से नवाजा जा चुका था।
एड टेक स्टार्टअप बायजू दिवालिया होने से अब बस एक कदम दूर है! आपको बता दें कि बायजू को 1.2 अरब डॉलर के लोन देने वाले विदेशी लेंडर ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवाला समाधान कार्यवाही शुरू करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की बेंगलुरु बेंच के समक्ष एक याचिका दायर की है। जीएलएएस ट्रस्ट कंपनी एलएलसी (सावधि ऋण के प्रशासनिक एजेंट और संपार्श्विक एजेंट के रूप में) ने भारत के दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 7 के अनुसार एक याचिका दायर की है।
एडहॉक ग्रुप ने एक बयान में कहा, बायजू के सामने मौजूद असंख्य मुद्दे पूरी तरह से स्वयं द्वारा पैदा किए गए हैं। महीनों तक, हमने इस स्थिति से बचने की कोशिश की, बार-बार बायजू के प्रबंधन और अन्य हितधारकों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने का प्रयास किया और उन्हें पारस्परिक रूप से सहमत समाधान तक पहुंचने के लिए कई रास्ते प्रदान किए, यहां तक कि डेलावेयर अदालत द्वारा बायजू की चूक की वैधता की पुष्टि के बाद भी।
नवंबर 2021 में विदेशी लेंडर से मिला था लोन
बायजू ने नवंबर 2021 में विदेशी निवेशकों के एक संघ से सावधि ऋण सुविधा के माध्यम से 1.2 बिलियन डॉलर का ऋण प्राप्त किया था। समूह ने कहा,अब हमारा मानना है कि बायजू प्रबंधन के पास टर्म लोन के तहत अपने दायित्वों का सम्मान करने का कोई इरादा या क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत की कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया थिंक एंड लर्न को स्थिर करने में मदद करेगी और इसके परिणामस्वरूप एक समाधान योजना लागू होगी जो सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखेगी। टर्म लोन उधारदाताओं के अनुसार, एड हॉक ग्रुप की ओर से टर्म लोन के पुनर्गठन के लिए 16 महीने से अधिक के अच्छे विश्वास के प्रयासों के बाद यह कार्रवाई की गई थी, जो सफल होने पर, लोन की कई बकाया चूकों, तेजी और तेजी को तुरंत हल कर देता। आगे की प्रवर्तन कार्रवाइयों से बचते हुए सभी खुली मुकदमेबाजी समाप्त कर दी।
नवंबर 2023 में ऋण दायित्व चूक की
नवंबर 2023 में, डेलावेयर चांसरी कोर्ट ने माना कि बायजू ने अपने ऋण दायित्व पर चूक की है और पाया कि टर्म लोन ऋणदाता बायजू अल्फा के एकमात्र निदेशक (बायजू की अमेरिकी सहायक कंपनी की आय प्राप्त करने के लिए 2021 में स्थापित) को बदलने के लिए अपने संविदात्मक अधिकारों के भीतर थे। समूह ने दावा किया,बायजू ने अपनी चूक को बढ़ा दिया है और बार-बार डिफ़ॉल्ट के बाद अपने ऋण दायित्वों की अवहेलना की है, जिसमें किसी भी अनुबंध के अनुसार आवश्यक ऋण भुगतान करने से इनकार करना और बायजू के अल्फा ने 533 मिलियन डॉलर की ऋण आय को एक अस्पष्ट, नवजात हेज फंड में स्थानांतरित करना और फिर स्पष्ट रूप से धन के स्वामित्व को स्थानांतरित करना शामिल है।”
बायजू ने दिन में पहले साझा किए गए एक बयान में कहा कि ऋणदाताओं की कार्रवाइयों की वैधता, जिसमें टर्म लोन में तेजी शामिल है, लंबित है और न्यूयॉर्क सुप्रीम कोर्ट सहित कई कार्यवाहियों में चुनौती दी जा रही है। इसमें कहा गया है, इसलिए, एनसीएलटी के समक्ष ऋणदाताओं द्वारा की गई कोई भी कार्यवाही समय से पहले और आधारहीन है। बायजू ने कहा कि ऋणदाताओं की कार्यवाही का समय कंपनी द्वारा राइट्स इश्यू की शुरुआत के साथ मेल खाता है।
घाटा बढ़कर 6,679 करोड़ रुपये हुआ
बायजू ब्रांड के तहत परिचालन करने शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी थिंक एंड लर्न ने मंगलवार को कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में उसका परिचालन घाटा बढ़कर 6,679 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि उसकी दो अनुषंगी इकाइयों व्हाइट हैट जूनियर और ओस्मो में हुए नुकसान के चलते उसका परिचालन घाटा बढ़ा। थिंक एंड लर्न ने शेयर बाजार को बताया कि उसका परिचालन घाटा वित्त वर्ष 2020-21 में 4,143 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2020-21 में उसकी आय दोगुनी से अधिक बढ़कर 5,298.43 करोड़ रुपये हो गई, जो 2020-21 में 2,428.39 करोड़ रुपये थी। बायजू ने कहा कि कमतर प्रदर्शन करने वाली इकाइयों में मुख्य रूप से व्हाइट हैट जूनियर और ओस्मो रहे। इनसे लगभग 3,800 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जो कुल घाटे का 45 प्रतिशत है। कंपनी ने बताया कि बायजू की अन्य अनुषंगी इकाइयों आकाश और ग्रेट लर्निंग का कारोबार क्रमशः 40 प्रतिशत और 77 प्रतिशत की दर से बढ़ा।
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मशहूर भारतीय वकील अजीत मिश्रा को अवार्ड
London Award News: भारत में जन्मे मशहूर वकील अजीत मिश्रा को विधि एवं सार्वजनिक जीवन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘फ्रीडम ऑफ द सिटी ऑफ लंदन‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एक प्रेस बयान के अनुसार यूके इंडिया लीगल पार्टनरशिप यूके आईएलपी के संस्थापक और अध्यक्ष मिश्रा को 23 जनवरी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
अंतरराष्ट्रीय फर्मो में भारत का प्रतिनिधित्व
उनका दो दशक से भी अधिक का पेशेवर अनुभव है और वह कुछ प्रमुख घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय विधि फर्मों में भागीदार एवं भारत ‘डेस्क‘ के प्रमुख रहे हैं। लंदन कॉरपोरेशन के अध्यक्ष नीति क्रिस हेवर्ड और नागरिक मामलों की समिति के उपाध्यक्ष श्रवण जोशी ने मिश्रा को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए नामित किया।
पुरस्कार मिलने पर कही ये बात
मिश्रा ने पुरस्कार मिलने पर कहा ‘मैं फ्रीडम ऑफ द सिटी ऑफ लंदन पुरस्कार दिए जाने के लिए आभारी हूं। मैंने अपना कानूनी करियर लंदन शहर में ही शुरू किया था, और उसी शहर द्वारा सम्मानित किया जाना मेरे लिए गर्व का क्षण है।‘
जानिए कितना पुराना और प्रतिष्ठित अवार्ड है यह
बयान में कहा गया है कि लंदन कॉरपोरेशन द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार का इतिहास 13वीं शताब्दी तक जाता है और यह उन गणमान्य लोगों को दिया जाता है जो लंदन के सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट योगदान देते हैं।
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रिंकू सिंह को छप्परफाड़ फायदा
Latest ICC T20I Player rankings: भारतीय टी20 टीम में फिनिशर की जगह पक्की कर चुके रिंकू सिंह छोटे से करियर में बड़ी छाप छोड़ चुके हैं। रिंकू सिंह को भारतीय क्रिकेट का भविष्य बताया जा रहा है। वह टी20 फॉर्मेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन का इनाम इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की ताजा टी20I रैंकिंग में मिला है। उन्होंने बल्लेबाजों की रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है।
रिंकू सिंह को आईसीसी रैंकिंग में छप्परफाड़ फायदा
रिंकू सिंह को आईसीसी की ताजा टी20I रैंकिंग में छप्परफाड़ फायदा हुआ है। उन्होंने ताजा रैंकिंग में 39 स्थानों की छलांग लगाई है। वह 548 रेटिंग प्वॉइंट के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी लंबी छलांग लगाई है। रोहित शर्मा 19 स्थानों की छलांग लगाकर 49वें नंबर पर आ गए हैं। दूसरी ओर विराट कोहली 2 स्थानों के नुकसान के साथ 46वें नंबर पर आ गए हैं।
रिंकू सिंह का धमाकेदार खेल जारी
26 साल के रिंकू ने पिछले साल अगस्त में आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज से इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वहीं, वनडे वर्ल्ड कप 2023 के बाद वह ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज में टीम का हिस्सा रहे। उन्हें टी20 टीम में लगातार मौके मिल रहे हैं, जिसका वह भरपूर फायदा उठा रहे हैं। रिंकू ने हाल में ही अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में बल्ले से काफी शानदार प्रदर्शन दिखाया था।
छोटे से करियर में छोड़ी अपनी छाप
रिंकू सिंह ने टीम इंडिया के लिए अभी तक 15 टी20 और 2 वनडे मैच खेले हैं। टी20 में उन्होंने 89.00 की औसत और 176.23 की स्ट्राइक रेट से 356 रन बनाए हैं। इस दौरान वह 2 अर्धशतक भी लगा चुके हैं। वहीं, वनडे में उन्होंने 27.50 की औसत से 55 रन बनाए हैं। वह इस समय भारत ए टीम का हिस्सा हैं। जो इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ चार दिवसीय मैच खेल रही है।
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बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक
बिहार के मुजफ्फरपुर में ठंड से एक स्कूली बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक, एसीएस सचिव कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव और जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज हो गया। कड़ाके की ठंड में स्कूल खोले जाने के आदेश को लेकर ये मुकदमा दर्ज हुआ है। दरअसल, कल ठंड से छठी कक्षा के एक छात्र की मौत से आक्रोशित अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने धारा-304(ए) के तहत ये मुकदमा दर्ज कराया है। इस केस की अगली सुनवाई तीन फरवरी को मुकर्रर की गई है।
गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
बताया जा रहा है कि कड़ाके की ठंड में स्कूल खोले जाने का आदेश देने पर बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की मुश्कीलें बढ़ सकती हैं। ऐसी सर्दी में भी बिहार के स्कूल खुले हुए हैं। इसी बीच ठंड की चपेट में आने से मुजफ्फरपुर में छठी कक्षा के छात्र मोहम्मद कुर्बान की मौत हो गई। इस मामले में मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में केके पाठक के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने कौशल कुमार पाठक के अलावा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव, जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह को भी आरोपित किया है। इन सभी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बोचहां में ठंड लगने से छात्र की हुई मौत
इन सभी को बोचहां में ठंड लगने से छात्र की हुई मौत और गायघाट में 9वीं की छात्रा के बेहोश होने को लेकर जिम्मेदार बताया गया है। मुकदमा में अधिवक्ता ने डीएम प्रणव कुमार सहित पांच को गवाह बनाया है। बता दें कि मुजफ्फरपुर के बोचहां में छठी के छात्र मोहम्मद कुर्बान की मौत बुधवार हो गई। छात्र कुर्बान बुधबार की सुबह स्कूल गया था। कांपते हुए देख शिक्षक ने कुर्बान को घर भिजवा दिया था। वह कांपता हुआ घर पहुंचा। घर आते-आते उसने बताया कि पैंट में ही शौच हो गया है। परिजन उसे गर्म कपड़े में लपेटकर डॉक्टर के पास ले गए लेकिन तब तक मोहम्मद कुर्बान की मौत हो गई। ठंड लगने से उसकी मौत की आशंका जताई गई।
नाम कटने के डर से कड़ाके की ठंड में स्कूल जा रहे बच्चे
वहीं दूसरी ओर गायघाट प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय, दहिला में प्रार्थना के दौरान नौवीं कक्षा की छात्रा सकीना खातून बेहोश होकर मैदान में ही गिर गयी थी। कड़ाके की ठंड में स्कूल खोले जाने से नाराज अधिवक्ता ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि बिहार में ठंड को लेकर मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। लेकिन फिर भी बिहार के सभी सरकारी स्कूलों को खोलने का आदेश दिया गया था। स्कूल में नाम कटने के डर से बच्चे अपनी उपस्थिति कड़ाके की ठंड में भी दर्ज करावा रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि बोचहां के 14 वर्षीय मोहम्मद कुर्बान की ठंड से मौत हो गई। वहीं गायघाट में 9 वर्ष की छात्रा बेहोश हो गई। इस मौत के लिए ये सभी लोग जिम्मेदार हैं।
नए साल में भी छंटनी का दौर थमने का नहीं ले रहा है। आईटी सेक्टर के बाद अब ई-कॉमर्स कंपनियों ने नए सिरे से छंटनी का ऐलान किया है। आपको बता दें कि ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट एक हजार कर्मचारियों की छंटनी करेगी। सूत्रों के अनुसार, यह उसके कुल कार्यबल का लगभग पांच प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी हर साल नौकरी लागत में प्रदर्शन-आधारित कटौती करती है, और नवीनतम कार्यबल में कटौती उसी के अनुरूप है। वहीं, ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी छंटनी के दूसरे दौर में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग सात प्रतिशत या लगभग 400 नौकरियों की कटौती कर रही है।
फ्लिपकार्ट में वर्तमान में लगभग 22 हजार कर्मचारी
वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी में वर्तमान में लगभग 22 हजार कर्मचारी हैं। पहले की रिपोर्टों में उल्लेख किया गया था कि कंपनी लाभदायक बने रहने के लिए अपने संसाधनों को अनुकूलित करने के लिए आंतरिक पुनर्गठन पर भी विचार कर रही है। इस बीच, बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023 में फ्लिपकार्ट का कुल राजस्व 56,013 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2013 में राजस्व में वित्त वर्ष 2012 से नौ प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और यह 51,176 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2013 में 4,834 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत की पर्याप्त वृद्धि है। वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए शुद्ध घाटा 4,839.3 करोड़ रुपये था, जो 31 मार्च 2022 को समाप्त होने वाले वर्ष के 3,362.4 करोड़ रुपये के शुद्ध घाटे की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक है।
आईपीओ से पहले खर्च घटाने की तैयारी में स्विगी
टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, स्विगी का उद्देश्य इस साल के अंत में नियोजित प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) से पहले अपने वित्त में सुधार करना है। कंपनी ने जनवरी 2023 में 380 नौकरियों की कटौती की थी और लागत कम करने के प्रयास में अपने मांस बाज़ार को भी बंद कर दिया था। यह खबर सबसे पहले इकोनॉमिक टाइम्स ने प्रकाशित की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, टेक और ऑपरेशंस टीमों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। इस बीच, कंपनी के आने वाले महीने में खाने के ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म शुल्क पाँच रुपये से दोगुना कर 10 रुपये करने की भी संभावना है। इस कदम के साथ कंपनी इस साल के अंत में अपने आईपीओ के लॉन्च से पहले घाटे को कम करना चाहती है। हाल ही में अमेरिका स्थित निवेश कंपनी इनवेस्को ने स्विगी का मूल्यांकन लगभग 8.3 अरब डॉलर तक बढ़ा दिया है। नियामक फाइलिंग के अनुसार, यह लगातार दूसरी बार है जब वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी ने स्विगी के मूल्य में वृद्धि की है। पिछले साल अक्टूबर में इनवेस्को ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म का वैल्यूएशन बढ़ाकर करीब 7.85 अरब डॉलर कर दिया था।
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ठाणे क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा 8 किलो अफगानी चरस
ठाणे: ठाणे क्राइम ब्रांच यूनिट 05 ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 किलो चरस के साथ माजीवाड़ा के पास से एक आरोपी गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि नशीले पदार्थ का सेवन युवाओं में बड़ी तेजी से फैल रहा है। पुलिस कमिश्नर आशुतोष डोंगरे ने चार्ज लेते ही कहा था कि शहर में नशे के कारोबार से युवाओं को मुक्त करेंगे जिसको लेकर ठाणे क्राइम ब्रांच ने ऐसे तमाम नशीली पदार्थ बेचने वालों पर नजर बनाई हुई थी। इस दौरान क्राइम ब्रांच को खुफिया जानकारी मिली की कोई बड़े पैमाने पर चरस लेकर ठाणे में आ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत
खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर 1 आरोपी को हिरासत में लिया। छानबीन के दौरान उसके पास से 8 किलो चरस बरामद हुआ। वागले क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 की लगातार कारवाई से ठाणे शहर में नशे के कारोबार में कमी हुई है। जो चरस बरामद हुआ है, भारत में उसकी कीमत 80 लाख के आसपास है और इसी चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में होती है।
अफगानिस्तान से भेजा गया था चरस
क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 ने ठाणे के माजीवाड़ा जंक्शन के पास से पालघर से मुंबई चरस बेचने जा रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 8 किलो चरस बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह चरस अफगानिस्तान से भेजा गया है। ठाणे क्राइम ब्रांच यूनिट 5 द्वारा जप्त किए गए चरस को स्टारबक्स के पैकेट में लपेटकर भेजा गया था। अक्सर स्टारबक्स का हम कॉफी या दूसरे खाने के पदार्थ में नाम सुनते हैं। लेकिन ड्रग्स के कारोबार में पहली बार स्टारबक्स का नाम आया है। इस तरीके से बड़े पैमाने पर चरस की हेरा-फेरी करने वाले आरोपी को दबोचा गया है।
खुफिया जानकारी पर बिछाया था जाल
क्राइम ब्रांच के DCP शिवराज पाटिल ने बताया कि क्राइम ब्रांच यूनिट 5 ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 8 किलो चरस पकड़ा है जिसकी कीमत 80 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि हमें पुलिस कमिश्नर आशुतोष डोंगरे की ओर से नशीले पदार्थ के कारोबार के खिलाफ एक्शन के आदेश थे। इसी के तहत यूनिट 5 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विकास घोड़के और उनकी टीम ने एसीपी नीलेश के मार्गदर्शन में एक खुफिया जानकारी के आधार पर एक जाल बिछाया था। इसी के तहत माजीवाड़ा जंक्शन के पास से एक आरोपी को 8 किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया गया।