नई दिल्ली:
देश के युवाओं और Gen-Z के अटूट हौसले के आगे आखिरकार तंत्र को झुकना ही पड़ा! दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शन, धरने और जन-आंदोलन के भारी दबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
प्रदर्शनकारी छात्रों के बुलंद नारों और आक्रोश के आगे उन्होंने अपनी हार स्वीकार की। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने माना कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार हुआ था और देश के मासूम बच्चों व युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया था।
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36 दिनों से जंतर-मंतर पर डटे थे छात्र एवं युवा संगठन।
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परीक्षा धांधली और 21 छात्रों की आत्महत्या के बाद पूरे देश में था भारी आक्रोश।
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धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को भेजा अपना त्यागपत्र।
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देश के Gen-Z और युवाओं ने दिखाई एकजुटता की मिसाल।
“देश का युवा जीत गया, देश का Gen-Z जीत गया!”
इस इस्तीफे की खबर आते ही पूरे देश के छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि देश के युवाओं की एकजुटता की बड़ी जीत है, जिसने देश को एक नई उम्मीद और दिशा दिखाई है।
Report By: Vikas Patel, Samachar Diary 24X7