Blog

  • कब-कब नीतीश कुमार ने बदले अपने साथी? कभी NDA तो कभी महागठबंधन के साथ खींचा अपना रथ

    Bihar News- India TV Hindi

    Image Source : INDIA TV
    कब-कब नीतीश कुमार ने बदले अपने साथी

    पटना: ‘बिहार में बाहर है, यहां नीतीश कुमार है’, यह नारा पिछले कई वर्षों से राज्य की राजनीति में चला आ रहा है। कहा जाता रहा है कि यहां चुनाव में कोई भी जीते, लेकिन सीएम की कुर्सी पर तो केवल और केवल नीतीश कुमार ही बैठेंगे। यह बात सच भी है। नीतीश कुमार पहली बार साल 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने, लेकिन वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए और सात दिन के अंदर ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। 

    इसके बाद नवंबर 2005 से राज्य के मुखिया की कुर्सी पर बैठे और तब से बैठे हुए हैं। हालांकि बीच में कुछ समय के लिए जीतन राम मांझी भी मुख्यमंत्री बनाए गए थे, लेकिन असली पॉवर उन्हीं के ही हाथ में थी। हालांकि इन 19 वर्षों में एक बात यह भी समान रही है कि नीतीश कुमार ने कई बार अपने मन बदला है। उन्होंने अपने साथी बदले हैं, लेकिन बस उन्होंने अपना पद नहीं बदला। उनके नाम के आगे हमेशा ही मुख्यमंत्री लगा ही रहा। अब एक बार फिर कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार फिर से पाला बदलने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, वह एक बार फिर से एनडीए में शामिल हो सकते हैं।

    बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता दिल्ली पहुंचे

    बिहार की राजधानी पटना में जबरदस्त हलचल मची हुई है। बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार जल्द ही आरजेडी और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़कर एनडीए के साथ जाने का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं होगा कि नीतीश कुमार पाला बदल रहे हों। उन्होंने अपने साथी बदलने की शुरुआत साल 2013 में की थी और तब से वह तीन बार पाला बदल चुके हैं और अगर इस बार भी वह ऐसा करते हैं तो यह चौथा मौका होगा।

    Bihar

    Image Source : FILE

    नीतीश कुमार

     साल 2013 में एनडीए से अलग हुए थे नीतीश 

    सबसे पहले वह साल 2013 में एनडीए से अलग हुए थे। बीजेपी ने उस समय नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। इससे नाराज होकर उन्होंने बीजेपी से 17 साल पुराना गठबंधन खत्म कर लिया था। इसके बाद आरजेडी और कांग्रेस पर हमलावर रहे नीतीश कुमार ने साल 2015 में इन दोनों दलों के साथ महागठबंधन बनाया और चुनाव लड़ा। 

    2017 में महागठबंधन से तोड़ा नाता 

    चुनाव में इस गठबंधन को जीत मिली लेकिन साल 2017 में एक बार फिर से नीतीश कुमार का मन बदला और लालू यादव और उनके परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उन्होंने यह गठबंधन तोड़ दिया। वह एक बार फिर से एनडीए में शामिल हो गए। इस बार उन्होंने 2019 का लोकसभा और 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ा। इसमें उन्हें सफलता भी मिली। लेकिन 2022 में नीतीश कुमार का मन फिर से बदला और वह एक बार फिर से एनडीए से अलग हो गए।

    Bihar News

    Image Source : FILE

    नीतीश कुमार और लालू यादव

    2022 में फिर से महागठबंधन में आए नीतीश कुमार 

    एनडीए से अलग होने के बाद वह आरजेडी, कांग्रेस और वामदलों के महागठबंधन में शामिल हुए और आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं अब जिस तरह की चर्चाएं चल रही हैं, उससे यह कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपना मन बदल सकते हैं और एनडीए में शामिल हो सकते हैं। फ़िलहाल यह अभी केवल चर्चाएं हैं। सच्चाई केवल और केवल नीतीश कुमार ही जानते हैं। क्योंकि नीतीश कुमार तो नीतीश कुमार हैं।

    Latest India News

    Source link

  • Republic Day 2024 : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन

    President- India TV Hindi

    Image Source : @RASHTRAPATIBHVN
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    Republic Day 2024 : 26 जनवरी देश में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी है। मुख्य कार्यक्रम कर्तव्य पथ पर आयोजित होगा जहां झंडा फहराने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी। इससे पहले गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र को संबोधित कर रही हैं।

    उन्होंने 75 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ते हुए अमृत काल के प्रारंभिक दौर से गजुर रहा है। यह युगांतरकारी परिवर्तन का कालखंड है। गणतंत्र दिवस, हमारे आधारभूत मूल्यों और सिद्धांतों को स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। 

    उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को भी याद किया और कहा कि अपने योगदान से सार्वजनिक जीवन को समृद्ध बनाने के लिए, मैं कर्पूरी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ। बता दें कि केंद्र सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे गणतंत्र की मूल भावना से एकजुट होकर 140 करोड़ से अधिक भारतवासी एक कुटुंब के रूप में रहते हैं। दुनिया के सबसे बड़े इस कुटुंब के लिए, सह-अस्तित्व की भावना, भूगोल द्वारा थोपा गया बोझ नहीं है, बल्कि सामूहिक उल्लास का सहज स्रोत है, जो हमारे गणतंत्र दिवस के उत्सव में अभिव्यक्त होता है।

    राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अयोध्या का राम मंदिर का भी जिक्र किया और कहा-हम सबने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित भव्य मंदिर में स्थापित मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक समारोह देखा। भविष्य में जब इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाएगा तब इतिहासकार, भारत द्वारा अपनी सभ्यागत विरासत की निरंतर खोज में युगांतरकारी आयोजन के रूप में इसका विवेचन करेंगे।

     G20 का सफल आयोजन अभूतपूर्व उपलब्धि

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में जी-20 शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया और कहा कि भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन एक अभूतपूर्व उपलब्धि थी। वहीं ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के बारे में उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तीकरण का एक क्रांतिकारी माध्यम सिद्ध होगा।

    देश को वैज्ञानिकों पर गर्व 

    उन्होंने वैज्ञानिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया कहा कि हमें अपने वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों पर सदैव गर्व रहा है, लेकिन अब ये पहले से कहीं अधिक ऊंचे लक्ष्य तय कर रहे हैं और उनके अनुरूप परिणाम भी हासिल कर रहे हैं।

    Latest India News

    Source link

  • हारिस रऊफ का ऑस्ट्रेलिया में गेंद से कहर जारी, T20I में हासिल की ये बड़ी उपलब्धि

     

    Haris Rauf- India TV Hindi
    Image Source : GETTY
    हारिस रऊफ बने पाकिस्तान के लिए टी20 इंटरनेशनल में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज।

    ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले को जहां कंगारू टीम ने अपने नाम किया था, तो वहीं दोनों टीमों के बीच इस सीरीज का दूसरा मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, जिसमें वह 20 ओवर्स में 147 रनों का स्कोर बनाने में कामयाब हो सके। पाकिस्तानी टीम की तरफ से गेंदबाजी में एकबार फिर से अब इस दौरे पर गेंद से कमाल दिखाने वाले हारिस रऊफ का कहर देखने को मिला जिसमें उन्होंने अपने 4 ओवर्स में सिर्फ 22 रन देते हुए 4 विकेट हासिल किए और एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल की।

    हारिस रऊफ संयुक्त रूप से बने पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज

    पाकिस्तान के लिए टी20 इंटरनेशनल में अब सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में हारिस रऊफ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। हारिस रऊफ में दूसरे टी20 मैच में जब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जेवियर बार्टलेट का विकेट हासिल किया तो ये उनके टी20 इंटरनेशनल का 107वां विकेट था और इसी के साथ अब वह पाकिस्तान के लिए शादाब खान के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर बन गए। पाकिस्तान के लिए अब तक टी20 इंटरनेशनल में सिर्फ 2 ही गेंदबाज 100 से ज्यादा विकेट लेने में कामयाब हो सके हैं, जिसमें हारिस रऊफ और शादाब खान का नाम शामिल है। वहीं इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर 96 टी20 इंटरनेशनल विकेट के साथ शाहीन अफरीदी का नाम शामिल है। हारिस रऊफ ने अपने 74वें टी20 इंटरनेशनल मैच की 72वीं पारी में इस उपलब्धि को हासिल किया है।

    अब तक ऐसा रहा है हारिस रऊफ का करियर

    हारिस रऊफ के अभी तक के इंटरनेशनल करियर को लेकर बात की जाए तो उन्होंने जहां 74 टी20 मैचों में 107 विकेट हासिल किए हैं तो वहीं 40 वनडे मैचों में रऊफ ने 24.58 के औसत से 79 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा रऊफ को पाकिस्तानी की तरफ से अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला है, जिसमें वह एक विकेट लेने में कामयाब रहे। हारिस रऊफ के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के तीसरे टी20 मैच में शादाब खान को पीछे छोड़ने के साथ पहले नंबर पर अपना कब्जा पूरी तरह से करने का मौका होगा।

    ये भी पढ़ें

    रोहित शर्मा के नए बच्चे को सूर्या, संजू और तिलक का खास संदेश, BCCI के वीडियो में हुआ खुलासा

    भारत के एक्शन के बाद होश में आया पाकिस्तान, अब PoK की जगह इन शहरों में जाएगी चैंपियंस ट्रॉफी

    Latest Cricket News

    Source link

  • सरकार ने वीरता पुरस्कारों का किया ऐलान, 6 कीर्ति चक्र, 16 शौर्य चक्र और 53 सेना मेडल दिए जाएंगे

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - India TV Hindi

    Image Source : FILE PHOTO
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 12 मरणोपरांत सहित 80 सशस्त्र बलों के कर्मियों को वीरता पुरस्कार (Gallantry awards) से सम्मानित करने को मंजूरी दी है। इनमें 6 कीर्ति चक्र है, जिनमें से तीन मरणोपरांत सम्मानित होंगे। दो मरणोपरांत सहित 16 शौर्य चक्र से सम्मानित होंगे। इसके अलावा सात मरणोपरांत सहित 53 सेना पदक, एक नाव सेना पदक (वीरता) और चार वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित होंगे।

    भारत लोकतंत्र की जननी है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने इस दौरान लोकतंत्र, संविधान, इसरो, सेना और युवाओं सहित कई मुद्दों का संबोधन में जिक्र किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हमारे गणतंत्र का 75वां साल कई मायनों में देश की यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। राष्ट्र अमृत काल के प्रारंभिक वर्षों में है और यह एक युगांतरकारी परिवर्तन का समय है। उन्होंने देशवासियों से कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पश्चिमी लोकतंत्र की अवधारणा से कहीं अधिक पुरानी है, इसलिए भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ कहा जाता है।

    “चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश भारत”

    उन्होंने कहा कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना। हमें अपने वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों पर सदैव गर्व रहा है, लेकिन अब ये पहले से कहीं अधिक ऊंचे लक्ष्य तय कर रहे हैं और उनके अनुरूप परिणाम भी हासिल कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला सशक्तीकरण का एक क्रांतिकारी माध्यम सिद्ध होगा।

    “खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को गौरवांवित किया है”

    इस मौके पर राष्ट्रपति ने देश के खिलाड़ियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को गौरवांवित किया है। उन्होंने साथ ही उम्मीद जताई कि इस साल होने वाले पेरिस ओलंपिक खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के पदकों में महिलाएं प्रभावशाली योगदान दे रही हैं जो काफी प्रसन्नता की बात है।

    Latest India News

    Source link

  • ईडी के 9वें समन पर बोले हेमंत सोरेन- ‘मार्च तक मैं बहुत बिजी हूं, इसलिए…’

    ED, Jharkhand, Hemant Soren- India TV Hindi

    Image Source : FILE
    हेमंत सोरेन

    रांची:  प्रवर्तन निदेशालय और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच पत्राचार जारी है। एक तरफ ईडी सोरेन को समन जारी करके पूछताछ के लिए बुलाता है तो हेमंत सोरेन साफ़ इनकार कर देते हैं। ED अब तक सोरेन को 9 समन जारी कर चुकी है लेकिन वह बार-बार इसे अनदेखा कर रहे हैं।

    आगामी 31 मार्च तक व्यस्त हूं- सोरेन 

    ईडी  के नौवें समन का जवाब देते हुए सीएम ने एजेंसी को कहा है कि आगामी 31 मार्च तक उनकी व्यस्तता है और इस वजह से वे पूछताछ के लिए उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। बता दें कि रांची के बड़गांई अंचल में जमीन घोटाले से जुड़े मामले की जांच कर रहे ईडी ने सीएम को भेजे समन में उनसे 27 से लेकर 31 जनवरी तक की कोई तारीख अपनी सहूलियत के अनुसार तय करने को कहा था। 

    सीलबंद लिफाफे में भिजवाई चिट्ठी 

    गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे सीएम हेमंत सोरेन ने अपने कार्यालय के मैसेंजर के जरिए ईडी के एयरपोर्ट रोड स्थित दफ्तर को अपनी चिट्ठी सीलबंद लिफाफे में भिजवाई। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने चिट्ठी में विधानसभा के आगामी बजट सत्र सहित अन्य आवश्यक कार्यों में अपनी व्यस्तता का हवाला दिया है और फिलहाल पूछताछ के लिए समय देने में असमर्थता जताई है।

    मैंने कोई चोरी नहीं की- हेमंत सोरेन 

    20 जनवरी को हुई पूछताछ के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने अपने आवास के बाहर जमा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि मैंने कोई चोरी नहीं की है। हमने उनके सभी सवालों के जवाब दिए हैं। आगे जो भी परीक्षा देनी पड़े, उसके लिए हम तैयार हैं। हमने झारखंड लड़कर लिया है। हम झारखंड को इन भ्रष्टाचारियों के हाथ में कभी जाने नहीं देंगे। सरकार बहुत मुश्किल से बनी है। सरकार बनने के बाद से ही हमारे खिलाफ षड्यंत्र चल रहा है। राज्य के विकास के साथ हमने इन षड्यंत्रों को नाकाम किया है। इनके पर को कुतर कर ही हम आगे बढ़ रहे हैं। अब उनके ताबूत में हम आखिरी कील ठोंकेंगे।

    Latest India News

    Source link

  • कर्तव्य पथ पर दिखेगी देश की सैन्य ताकत, महिला शक्ति का होगा भव्य प्रदर्शन, कल देश मनाएगा 75 वां गणतंत्र दिवस

    Republic Day 2024- India TV Hindi

    Image Source : PTI
    गणतंत्र दिवस परेड के रिहर्सल की एक तस्वीर

    नई दिल्ली: शुक्रवार को देश अपना 75 वां गणतंत्र दिवस पूरे धूमधाम से मनाएगा। इस दौरान कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। देश की महिला शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर केंद्रित इस भव्य समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सशस्त्र बलों की परेड में मिसाइल, ड्रोन जैमर, निगरानी प्रणाली, वाहन पर लगे मोर्टार और बीएमपी-2 पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों जैसे घरेलू हथियारों और सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जायेगा। पहली बार, तीनों सेवाओं का महिला दस्ता देश के इस सबसे बड़े समारोह में शामिल होगा। पहली बार एक और ऐतिहासिक घटना में, लेफ्टिनेंट दीप्ति राणा और प्रियंका सेवदा हथियार का पता लगाने वाले ‘स्वाति’ रडार और पिनाका रॉकेट प्रणाली का परेड में नेतृत्व करेंगी। लेफ्टिनेंट दीप्ति राणा और प्रियंका सेवदा पिछले साल आर्टिलरी रेजिमेंट में नियुक्त हुई 10 महिला अधिकारियों में से हैं। 

    परेड की शुरुआत भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों से होगी

    परेड की शुरुआत पारंपरिक सैन्य बैंड के बजाय पहली बार 100 से अधिक महिला कलाकारों द्वारा शंख, नादस्वरम, नागाडा जैसे भारतीय संगीत वाद्ययंत्र बजाने से होगी। भारतीय वायु सेना के ‘फ्लाई-पास्ट’ के दौरान लगभग 15 महिला पायलट भी ‘नारी शक्ति’ का प्रतिनिधित्व करेंगी। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की टुकड़ियों में भी केवल महिला कर्मी शामिल होंगी। गणतंत्र दिवस परेड सुबह दस बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी और लगभग 90 मिनट तक चलेगी। समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘राष्ट्रीय समर स्मारक’ पर जाने से होगी, जहां वह शहीद हुए नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कुछ मिनट बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उनके फ्रांसीसी समकक्ष मैक्रों ‘पारंपरिक बग्गी’ में पहुंचेंगे। यह प्रथा 40 साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू हो रही है। 

    लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार संभालेंगे परेड की कमान

    राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान के साथ ही स्वदेशी बंदूक प्रणाली ‘105-एमएम इंडियन फील्ड गन’ से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। मंत्रालय के अनुसार ‘105 हेलीकॉप्टर यूनिट’ के चार एमआई-17 चार हेलीकॉप्टर कर्तव्य पथ पर उपस्थित दर्शकों पर फूलों की वर्षा करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू के सलामी लेने के साथ परेड शुरू होगी। परेड की कमान दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार संभालेंगे। कर्तव्य पथ फ्रांसीसी सशस्त्र बलों के संयुक्त बैंड और मार्चिंग दस्ते के मार्च पास्ट का गवाह बनेगा। एक बहुउद्देश्यीय टैंकर परिवहन विमान और फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल के दो राफेल लड़ाकू विमान सलामी मंच से आगे बढ़ते समय टुकड़ियों के ऊपर से उड़ान भरेंगे। ‘मैकेनाइज्ड कॉलम’ का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय सेना की टुकड़ी 61 कैवेलरी की होगी जिसका नेतृत्व मेजर यशदीप अहलावत करेंगे। टैंक टी-90 भीष्म, नाग मिसाइल प्रणाली, पैदल सेना का लड़ाकू वाहन, हथियार का पता लगाने वाली रडार प्रणाली ‘स्वाति’, ड्रोन जैमर प्रणाली और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रमुख आकर्षणों में से एक होगी। 

    46 विमानों के साथ वायुसेना का फ्लाईपास्ट

    भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की टुकड़ी में 144 वायुसैनिक और चार अधिकारी शामिल होंगे और इसका नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर रश्मि ठाकुर करेंगी। स्क्वाड्रन लीडर सुमिता यादव, प्रतीति अहलूवालिया और फ्लाइट लेफ्टिनेंट कीर्ति रोहिल अतिरिक्त अधिकारियों के रूप में मार्च पास्ट करेंगी। समारोह का समापन भारतीय वायुसेना के 46 विमानों के फ्लाईपास्ट के साथ होगा। वायुसेना के बेड़े में 29 लड़ाकू विमान, सात परिवहन विमान, नौ हेलीकॉप्टर और एक हेरिटेज विमान शामिल होंगे। पहली बार स्वदेश निर्मित तेजस विमान चार विमानों के समूह में उड़ान भरेगा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 260 से अधिक महिला कर्मी मोटरसाइकिल प्रदर्शन के दौरान साहसी करतब दिखाकर देश की ‘नारी शक्ति’ का प्रदर्शन करेंगी। परेड के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 16 और केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की नौ झांकियां शामिल होंगी। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां शामिल होंगी उनमें अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, मणिपुर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, लद्दाख, तमिलनाडु, गुजरात, मेघालय, झारखंड, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। (इनपुट-भाषा)

    Latest India News

    Source link

  • ज्ञानवापी में प्राचीन मंदिर की हुई पुष्टि, हिंदू पक्ष ने ASI रिपोर्ट के आधार पर किया दावा

    Gyanvapi Masjid- India TV Hindi

    Image Source : PTI
    ज्ञानवापी मस्जिद

    वाराणसी: ज्ञानवापी में हुए एएसआई सर्वे की 839 पेज की रिपोर्ट की कॉपी हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन को मिल गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि ज्ञानवापी परिसर में प्राचीन मंदिर के खंभों की पुष्टि हुई है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने ASI रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “ASI ने कहा है कि मौजूदा ढांचे के निर्माण से पहले वहां एक बड़ा हिंदू मंदिर मौजूद था। यह ASI का निर्णायक निष्कर्ष है…”

    मंदिर होने के 32 सबूत मिले

    विष्णु शंकर जैन ने दावा किया कि एएसआई की रिपोर्ट के मुताबिक ज्ञानवापी में 32 ऐसी जगह हैं जहां प्राचीन मंदिर के खम्भों को यूज़ किया गया है। यह प्राचीन मंदिर के हिस्से थे। साथ ही तहखाना S -2 में हिन्दू देवी देवताओं के स्ट्रक्चर मिले हैं। सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक मस्जिद से पहले यहाँ मंदिर था, मंदिर को 17 वीं शताब्दी में तोड़ा गया था। एएसआई को देवनागरी, तेलगु और कन्नडा इंस्क्रिप्शन्स मिले हैं। 

    जनार्दन, रुद्र और उमेश्वर देवताओं के नाम मिले

    विष्णु शंकर जैन ने कहा,” ASI ने कहा है कि वहां पर कई शिलालेख है जहां पर पहले से मौजूद हिंदू मंदिर  के थे। जो पहले हिंदू मंदिर था उसके शिलालेख को पुन: उपयोग कर ये मस्जिद बनाई गई। शिलालेखों में जनार्दन, रुद्र और उमेश्वर जैसे देवताओं के तीन नाम मिलते हैं।’

    जिला अदालत के पिछले साल 21 जुलाई के आदेश के बाद एएसआई ने काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि मस्जिद का निर्माण हिंदू मंदिर की पहले से मौजूद संरचना पर किया गया था या नहीं। हिंदू याचिकाकर्ताओं के यह दावा करने के बाद कि 17वीं सदी की मस्जिद का निर्माण पहले से मौजूद मंदिर के ऊपर किया गया था, अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश दिया था। एएसआई ने 18 दिसंबर को सीलबंद लिफाफे में अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट जिला अदालत को सौंपी थी। 

    (वाराणसी से अश्विनी)

    Latest India News

    Source link

  • पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को दी अयोध्या के भव्य राम मंदिर की प्रतिकृति

    पीएम मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों- India TV Hindi

    Image Source : PTI
    पीएम मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों

    Macron Jaipur Visit:  फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों 26जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत के मेहमान हैं। उन्होंने आज जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जयपुर में रैली और रोड शो में हिस्सा लिया। इस दौरान मैक्रों और पीएम मोदी के रूप में दोनों देशों की दोस्ती साफ झलक रही थी। फ्रांस से आए मेहमान मैक्रों को पीएम मोदी ने यादगार भेंट दी। यह भेंट थी अयोध्या के भव्य राम मंदिर की प्रतिकृति। इस गिफ्ट को पाकर मैक्रों काफी खुश हुए। 

    जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को उपहार में अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति दी। प्रधानमंत्री मोदी 22 जनवरी को मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे। मैक्रों का स्वागत करने के लिए मोदी जयपुर पहुंचे जहां दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक शहर का दौरा किया और इसके कुछ प्रतिष्ठित स्थानों पर गए। 

    जयपुर में विदेश मंत्री जयशंकर ने किया मैक्रों का स्वागत

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भारत की अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के तहत गुरुवार को जयपुर पहुंचे। फ्रांसीसी नेता गणतंत्र दिवस परेड 2024 में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे। जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचने पर विदेश मंत्री एस जयशंकरए राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने जयपुर में हवा महल का दौरा किया।

    Latest India News

    Source link

  • पद्म पुरस्कार के लिए नामों की घोषणा, 34 विभूतियों को मिलेगा पद्मश्री सम्मान

    गुरविंदर सिंह और जगेश्वर यादव- India TV Hindi


    गुरविंदर सिंह और जगेश्वर यादव

    Padma Awards: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इस साल दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के नाम का ऐलान किया गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली हस्तियों के नाम शामिल हैं। इस साल 34 विभूतियों को पद्मश्री देने का ऐलान किया है। इनमें पार्वती बरुआ, जागेश्वर यादव, चार्मी मुर्मू, सोमन्ना, गुरविंदर सिंह, सत्यनारायण बेरेली, के चेल्लामल, हेमचंद मांझी समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

    भारत रत्न के बाद सबसे अहम सम्मान

    बता दें कि पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के बाद सबसे महत्वपूर्ण सम्मान है। पद्म पुरस्कार को तीन श्रेणी- पद्म भूषण, पद्म विभूषण और पद्मश्री के तौर पर दिया जाता है। पद्म सम्मान की शुरुआत साल 1954 में भारत सरकार ने की थी। साल 1955 में इसे पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण नाम दे दिया गया, तभी से ये सम्मान तीन श्रेणियों में दिए जाने का सिलसिला जारी है। 

    पद्म अवॉर्ड्स कमिटी तय करती है नाम

    पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किए जाने वाले नाम पद्म अवॉर्ड्स कमिटी तय करती है। इस कमिटी के सदस्यों का नाम हर साल प्रधानमंत्री तय करते हैं। कमिटी की अध्यक्षता मंत्रिमंडल के सचिव करते हैं। इसमें गृह सचिव, राष्ट्रपति के सचिव और 4-6 अन्य सम्मानित सदस्य होते हैं। पुरस्कारों के लिए नॉमिनेशन प्रोसेस होता है। 1 मई से 15 सितंबर के बीच नॉमिनेशन मंगाए जाते हैं। सभी नॉमिनेशन कमिटी के सामने रखे जाते हैं, जो उन नॉमिनेशन में से विजेताओं के नाम चुनती है। इसके पहले उनका वेरिफिकेशन किया जाता है। विजेताओं को उनकी लाइफटाइम अचीवमेंट और सामाजिक विकास में उपलब्धि के आधार पर चुना जाता है।

    80 सशस्त्र बलों के कर्मियों को वीरता पुरस्कार 

    वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 12 मरणोपरांत सहित 80 सशस्त्र बलों के कर्मियों को वीरता पुरस्कार (Gallantry awards) से सम्मानित करने को मंजूरी दी है। इनमें 6 कीर्ति चक्र है, जिनमें से तीन मरणोपरांत सम्मानित होंगे। दो मरणोपरांत सहित 16 शौर्य चक्र से सम्मानित होंगे। इसके अलावा सात मरणोपरांत सहित 53 सेना पदक, एक नाव सेना पदक (वीरता) और चार वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित होंगे।

    ये भी पढ़ें- 

    दांव या मजबूरी, ममता बनर्जी के I.N.D.I.A अलायंस से किनारा करने की क्या हैं वजहें? जानिए

    बंगाल में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की एंट्री, बीच में ही छोड़ दिल्ली लौटे राहुल गांधी, क्या है वजह?

    सरकार ने वीरता पुरस्कारों का किया ऐलान, 6 कीर्ति चक्र, 16 शौर्य चक्र और 53 सेना मेडल दिया जाएगा

    Latest India News

    Source link

  • कर्नाटक कांग्रेस का हिमंत बिस्वा सरमा पर बड़ा हमला, बेंगलुरु का भेजा फ्लाइट टिकट और अस्पताल में भर्ती होने को कहा

     

    Karnataka, Assam- India TV Hindi
    Image Source : INDIA TV
    कर्नाटक कांग्रेस का हिमंत बिस्वा सरमा पर बड़ा हमला

    कर्नाटक: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और भी तेज हो गई है। हिमंत बिस्वा सरमा के राहुल गांधी पर हमला बोलने के बाद अब मोर्चा कर्नाटक कांग्रेस ने संभाला है। कर्नाटक कांग्रेस ने हिमंत को गुवाहाटी से बेंगलुरु तक के लिए फ्लाइट की टिकट भेजी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि वह बेंगलुरु आएं और यहां से अस्पताल NIMHANS (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और विज्ञान संस्थान) में अपना इलाज कराएं।

    बता दें कि हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान हिमंत ने दावा किया था कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान बस में राहुल गांधी का बॉडी डबल बैठा हुआ था। इस बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि हिमंत का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ गया है और उन्हें इलाज की आवश्यकता है।

    कर्नाटक कांग्रेस के द्वारा भेजी गई टिकट

    Image Source : INDIA TV

    कर्नाटक कांग्रेस के द्वारा भेजी गई टिकट

    ‘कांग्रेस इस यात्रा के लिए सभी खर्चों को वहन करेगी’

    कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “असम में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान हिमंत को अपने मानसिक संतुलन में संभावित व्यवधान के संकेत मिल रहे हैं। हम उन्हें तुरंत बेंगलुरु के लिए उड़ान पकड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, और कर्नाटक कांग्रेस इस यात्रा के लिए सभी खर्चों को वहन करेगी।”

    ‘सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी’

    उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, प्रोटोकॉल के अनुसार, असम के मुख्यमंत्री को NIMHANS अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। डॉक्टरों ने आशा व्यक्त की है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के लिए समय पर उपचार से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

    डीके शिवकुमार ने भी बोला हमला

    कर्नाटक कांग्रेस पीसीसी अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने एक बयान में कहा कि राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4000 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की। उन्हें पदयात्रा करने या चल रही बस यात्रा से कोई दिक्कत नहीं है। राहुल गांधी के खिलाफ कोई भी आलोचना करने से पहले, हिमंत बिस्वा सरमा को कम से कम 5 किलोमीटर चलकर दिखाना चाहिए।

    Latest India News

    Source link